हिमाचल में इस दिन से बसें चलेंगी, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले

हिमाचल में इस दिन से बसें चलेंगी, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले

इस दिन से हिमाचल में बसें चलेंगी, स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, जानिए कैबिनेट के बड़े फैसले
हिमाचल कैबिनेट ने राज्य में सभी स्थानों पर बसें चलाने की मंजूरी दी है। कैबिनेट ने 1 जून से सरकारी और निजी बसों को चलाने का फैसला किया है। हालांकि, अंतरराज्यीय मार्गों के लिए बसें राज्य के बाहर नहीं चलेंगी। जिले के भीतर और जिले से जिले के लिए बसें चलेंगी। कैबिनेट ने फैसला किया कि बस का किराया नहीं बढ़ेगा। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

मंगलवार से टैक्सी और ऑटो भी चलने लगेंगे।

सभी बसें 60 प्रतिशत क्षमता के साथ चलेंगी। कंटेनर जोन में बसें चलेंगी, लेकिन न तो यात्री बैठेंगे और न ही इन जोन में उतरेंगे। राज्य भर में नाइयों और सैलून खोले जाएंगे। निजी वाहनों के लिए कर्फ्यू पास की आवश्यकता नहीं होगी। कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन के मद्देनजर, कैबिनेट ने हिमाचल में स्कूलों और कॉलेजों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को फिलहाल बंद रखने का फैसला किया है। हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई।

जयराम के मंत्रिमंडल ने राज्य के लाखों अभिभावकों को बड़ी राहत दी है।

निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले माता-पिता को अब केवल मार्च से मई तक ट्यूशन फीस देनी होगी। शनिवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई। विभाग ने ट्यूशन फीस जमा करने के लिए पहला और ट्यूशन फीस और वार्षिक शुल्क जमा करने का दूसरा प्रस्ताव रखा। विस्तृत चर्चा के बाद, सरकार ने केवल ट्यूशन फीस जमा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि निजी स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई जारी

रखने के लिए कहा गया है। फीस का भुगतान नहीं करने की स्थिति में किसी भी बच्चे की पढ़ाई नहीं रोकी जाएगी। शिक्षकों और गैर-शिक्षकों को पूर्ण वेतन देने, किसी भी श्रमिक को नौकरी से न निकालने और वेतन कम न करने के निर्देश भी निजी स्कूलों को दिए गए। निजी स्कूल प्रशासन को ट्यूशन फीस के साथ इन खर्चों को पूरा करने के लिए कहा गया था। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है। निजी स्कूलों को भी इस संकट की घड़ी में अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए बुधवार

को फिर से एक कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। इसी समय, बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 15 वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों को राज्य में लागू किया जाएगा। इसके तहत, आयोग से अब तक प्राप्त 70 प्रतिशत अनुदान ग्राम पंचायतों को, 15 प्रतिशत पंचायत समितियों को और 15 प्रतिशत जिला परिषदों को आवंटित किया जाएगा, ताकि वे विभिन्न विकास गतिविधियों को शुरू कर सकें।
हिमाचल में लगभग 14.5 हजार परित्यक्त पशुओं को

अब चारे के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार दो हाउस ऑपरेटरों को वित्तीय सहायता देगी मंत्रिमंडल ने परित्यक्त जानवरों के पुनर्वास के लिए योजना को मंजूरी दी है। प्रारंभिक चरण में, गो सदनों, गोशालाओं में रखी गई प्रत्येक गाय के लिए 500 रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 22 लाख गायों और भैंसों को टैग किया जाएगा। इन जानवरों के रिकॉर्ड को मालिक के आधार से जोड़ा जाएगा।

बलात्कार और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के मामलों की सुनवाई के लिए एक साल की अवधि के लिए किन्नौर जिले के लिए शिमला, रामपुर और सिरमौर जिले के नाहन में फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में लाल बहादुर शास्त्री गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज और अस्पताल नेरचैक में बीएससी नर्सिंग की सीटें 40 से बढ़ाकर 60 करने के लिए एनओसी बढ़ाने को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने आईजीएमसी शिमला में रेडियोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के एक पद को बनाने और भरने का फैसला किया और टांडा मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफेसर एनाटॉमी और बाल रोग।

मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना-2019 को और अधिक लाभकारी बनाने के लिए

कैबिनेट ने इसमें संशोधन का निर्णय लिया है। इसके अनुसार इस योजना के तहत स्वीकृत इकाइयों में बैंक की ओर से आवंटित की गई ऋण की पहली किस्त के एक वर्ष भीतर विनिर्माण व सेवा उपक्रमों में व्यावसायिक उत्पादन  आरंभ करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त यदि इन इकाइयों की स्थापना हिमाचली मूल की विधवा ने किया हो और उसकी उम्र 45 वर्ष तक हो, उस स्थिति में पात्र अनुदान की राशि 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत की गई है।

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Author: admin