Thousands of youth will be recruited on outsourcing in Himachal Pradesh

Thousands of youth will be recruited on outsourcing in Himachal Pradesh

Thousands of youth will be recruited on outsourcing to deal with Corona in Himachal Several major decisions were taken in the meeting of Himachal Cabinet held on Friday under the chairmanship of Chief Minister Jairam Thakur. The cabinet has also taken a major decision to deal with the corona virus. During the meeting, the status of corona virus in the state was reviewed. During this period, the Cabinet was made aware of the preparations made by the Department of Health and Family Welfare and its present scenario.

To deal with Corona, the government has decided to outsource staff. This includes nurses, radiographers, pharmacists etc. other para medicals. This staff will be kept for three months. Applicants must be trained. Their services will be taken in hospitals and fields. The government has decided to resume the services of retired doctors in the year 2018 and earlier. Apart from this, employees and officers who retire in March and April will not be retired before June.
The government has decided that all diploma holders will apply. They will all be taken services. The government will give the monthly salary after joining the duty. It was decided in the cabinet meeting. The cabinet also directed the purchase of necessary equipment for the protection of employees and officers of the Health Department. The cabinet gave its approval to Lal Bahadur Shastri Government Medical College Nerchowk Mandi to be dedicated hospital for Kovid-19. The cabinet decided to carry out an operation to find an active case of Corona and gave necessary guidelines to the Health Department to start this campaign.
In order to promote industrialization in the state and to facilitate entrepreneurs, the cabinet decided to provide incentives and waive / reduce stamp and registration fees. Now up to Rs 10 crore investment in micro, small and medium enterprises, plant in manufacturing enterprises and machinery and in case of specified category of service enterprises 50 million stamp duty and concessional rate of registration fee 50 percent, 30 percent and applicable rates. 10 per cent will be taken on the prescribed lease amount.
Similarly, in the case of enterprises, manufacturing enterprises, investment up to Rs 10 crore in plant and machinery, and in the specified category of service enterprises, 50 million stamp duty and concessional rate of registration fee 50 percent, 30 percent and 20 percent of the applicable rates. Will be taken according to It was decided in the meeting that anchor enterprises established in industrial areas with fixed capital investment of more than Rs 200 crore and regularly providing employment to more than 200 Himachalis would be eligible for concession on stamp duty and registration fee.
The state cabinet on Friday approved leasing land for integrated solid waste management project in Kenduwal village of Baddi in district Solan. The Department of Industries has approved the leasing of the land for a period of 25 years for this project. Solid waste management project for pollution control has been a major demand for long time in industrial area Baddi. The government had been exercising for a long time to end this project so that pollution could be spread in the industrial area.

Army Open Bharti 2020 in Paddal Ground Mandi Himachal Pradesh

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। बैठक के दौरान राज्य में कोरोना वायरस की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान मंत्रिमंडल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से की गई तैयारियों और इसके वर्तमान परिदृश्य से अवगत करवाया गया।

कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने आउटसोर्स पर स्टाफ रखने का फैसला लिया है। इसमें नर्स, रेडियोग्राफर, फार्मासिस्ट आदि अन्य पैरा मेडिकल शामिल है। यह स्टाफ तीन महीने के लिए रखा जाएगा। आवेदकों का प्रशिक्षित होना जरूरी है। इनकी सेवाएं अस्पतालों और फील्ड में ली जाएंगी। सरकार ने वर्ष 2018 और इससे पहले रिटायर हुए डॉक्टरों की सेवाएं फिर से लेने का फैसला लिया है। इसके अलावा जो कर्मचारी व अधिकारी मार्च व अप्रैल में सेवानिवृत्त होंगे, उन्हें जून से पहले सेवानिवृत्त नहीं किया जाएगा।

सरकार ने फैसला लिया है कि जितने भी डिप्लोमा धारक आवेदन करेंगे। उन सबकी सेवाएं ली जाएंगी। मासिक वेतन सरकार ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद बताएगी। कैबिनेट बैठक में इसका फैसला लिया गया।  मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद के भी निर्देश दिए। कैबिनेट ने लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक मंडी को कोविड-19 के लिए समर्पित अस्पताल बनाने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने कोरोना के सक्रिय मामले खोजने का अभियान चलाने का निर्णय लिया और इस अभियान को शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

राज्य में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने व उद्यमियों की सुविधा के लिए मंत्रिमंडल ने प्रोत्साहन प्रदान करने और स्टांप और पंजीकरण शुल्क में छूट/घटाने का निर्णय लिया। अब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश व सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 10 प्रतिशत निर्धारित पट्टा राशि पर लिया जाएगा।

इसी तरह जिन उद्यम, विनिर्माण उद्यमों में संयत्र और मशीनरी में 10 करोड़ रुपये तक का निवेश व सेवा उद्यमों की निर्दिष्ट श्रेणी के मामले में उपकरणों में पांच करोड़ स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क की रियायती दर 50 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और लागू दरों का 20 प्रतिशत के हिसाब से लिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित एंकर उद्यमों, जिनकी निश्चित पूंजी निवेश 200 करोड़ रुपये से ज्यादा है और नियमित तौर पर 200 से ज्यादा हिमाचलियों को रोजगार प्रदान किया है, स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर रियायत के लिए पात्र होंगे।

प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को जिला सोलन के बद्दी के केंडुवाल गांव में एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजक्ट के लिए पट्टे पर जमीन देने को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए उद्योग विभाग की जमीन 25 साल की अवधि के लिए पट्टे पर देने के मंजूरी दी है। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में लंबे समय से प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट की मांग प्रमुखता से की जा रही थी। इस प्रोजेक्ट को सिरे लगाने के लिए सरकार लंबे समय से कसरत कर रही थी ताकि औद्योगिक क्षेत्र में फैल रहे प्रदूषण को कम किया जा सके।

HPSSC Hamirpur Board also postponded all its exams. Date to fill online form increased


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Author: admin