महत्वपूर्ण  दिवस  राष्टीय /अन्तर्राष्ट्रीय competitive examinations

महत्वपूर्ण  दिवस  राष्टीय /अन्तर्राष्ट्रीय

महत्वपूर्ण  दिवस  राष्टीय /अन्तर्राष्ट्रीय

जनवरी

9 जनवरी को   प्रवाशी  भरतिया  दिवस

10जनवरी को विश्व  हिंदी दिवस

12 जनवरी को   राष्टीय युवा दिवस ( विवेकानंद की स्मृति में )

15 जनवरी को  थल सेना दिवस

23 जनवरी को कुष्ट निवारण अभियान दिवस

24 जनवरी को  राष्टीय बालिका दिवस

25 जनवरी को राष्टीय मतदाता दिवस / राष्टीय पर्यटन दिवस

26 जनवरी को  गणतंत्र दिवस / अन्तर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस

30 जनवरी को सहीद दिवस /बलिदान दिवस (बापू की पुण्य स्मृति में ) / राष्टीय  कुष्ट रोग उन्मुक्तिकर्ण दिवस

फरवरी

28 फरवरी  को राष्टीय विज्ञानं दिवस

 

मार्च

8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस

22 विश्व जल दिवस

23 विश्व मौसम  विज्ञानं दिवस

24 मार्च को विश्व तपेदिक /क्षयरोग दिवस

अप्रैल

6 अप्रैल को विकास एवम शांति के लिए अन्तर्राष्ट्रीय खेल दिवस

22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस

25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस

मई

1  मई को विश्व श्रमिक दिवश

3 मई को विश्व प्रेस  स्वतंत्रता दिवस / अन्तर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस (सौर  उर्जा  के उपयोग को बदावा देने के लिए )

24 मई को राष्टमंडल  दिवस

31 विश्व तम्बाकू दिवस

जून

1 जून को है milk day( F A O  (खाद्य और कृषि संगठन)

5 जून विश्व पर्यावरण  दिवस

21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस

जुलाई

11 जुलाई को  विश्व जनसख्या  दिवस

12जुलाई को अन्तर्राष्ट्रीय मलाला दिवस

(मलाला यूसुफजई पर 9 अक्टूबर 2012 को तालिबान आतंकवादियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात घाटी में हमला किया था। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। मलाला के लिए देश-विदेश में प्रार्थना की गई और वह कामयाब भी रही। मलाला को इलाज के लिए ब्रिटेन के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मलाला वहां से स्वस्थ होकर लौटीं। बीते वर्ष 2012 में सबसे अधिक प्रचलित शख्सियतों में पाकिस्तान की इस बहादूर बाला मलाला युसूफजई के नाम रहा। लड़कियों की शिक्षा के अधिकार की लड़ाई लड़ने वाली साहसी मलाला यूसुफजई की बहादुरी के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा मलाला के 16वें जन्मदिन पर 12 जुलाई को मलाला दिवस घोषित कर दिया गया है)

18 जुलाई को  अन्तर्राष्ट्रीय नेल्सन मंडेला  दिवस

22 july ko राष्टीय झंडा अगिकर्ण  दिवश

राष्ट्रीय झण्डा अंगीकरण दिवस हर वर्ष 22 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिन अर्थात 22 जुलाई, 1947 को राष्‍ट्रीय ध्‍वज तिरंगे को भारत के संविधान द्वारा अपनाया (अंगीकृत) गया था। ‘तिरंगा’ भारत का राष्ट्रीय ध्वज है जो तीन रंगों से बना है इसलिए हम इसे तिरंगा कहते हैं। तिरंगे में सबसे ऊपर गहरा केसरिया, बीच में सफ़ेद और सबसे नीचे गहरा हरा रंग बराबर अनुपात में है। ध्‍वज को साधारण भाषा में ‘झंडा’ भी कहा जाता है। झंडे की चौड़ाई और लम्‍बाई का अनुपात 2:3 है। सफ़ेद पट्टी के केंद्र में गहरा नीले रंग का चक्र है, जिसका प्रारूप अशोक की राजधानी सारनाथ में स्थापित सिंह के शीर्षफलक के चक्र में दिखने वाले चक्र की भांति है। चक्र की परिधि लगभग सफ़ेद पट्टी की चौड़ाई के बराबर है। चक्र में 24 तीलियाँ हैं।

28 July ko विश्व प्रकृति सरक्षण दिवस / विश्व हेपेटाइटिस दिवस 

29 जुलाई को  अन्तर्राष्ट्रीय बाघ दिवस 

अगस्त 

6 अगस्त को हिरोशिमा दिवस 

‘6 अगस्त’ को कहा जाता है। अमेरिका ने 6 अगस्त, 1945 के दिन जापान के हिरोशिमा नगर पर ‘लिटिल बॉय’ नामक यूरेनियम बम गिराया था। इस बम के प्रभाव से 13 वर्ग कि.मी. में तबाही मच गयी थी। हिरोशिमा की 3.5 लाख की आबादी में से एक लाख चालीस हज़ार लोग एक झटके में ही मारे गए। ये सब सैनिक नहीं थे। इनमें से अधिकांश साधारण नागरिक, बच्चे, बूढ़े तथा स्त्रियाँ थीं। इसके बाद भी अनेक वर्षों तक अनगिनत लोग विकिरण के प्रभाव से मरते रहे। अमरीका इतने पर ही नहीं रुका। उसे एक अन्य प्रकार के बम के प्रभावों को अभी और आज़माना था। इसलिए इस अमानवीय विनाश के तीन दिन बाद ही 9 अगस्त को ‘फ़ैट मैन’ नामक प्लूटोनियम बम नागासाकी पर गिराया गया, जिसमें अनुमानित 74 हज़ार लोग विस्फोट व गर्मी के कारण मारे गए। इनमें भी अधिकांश निरीह नागरिक थे।

9 अगस्त को भारत छोड़ो दिवस

भारत छोड़ो आन्दोलन, द्वितीय विश्वयुद्ध के समय 9अगस्त 1942 को आरम्भ किया गया था। यह एक आन्दोलन था जिसका लक्ष्य भारत से ब्रितानी साम्राज्य को समाप्त करना था। यह आंदोलन महात्मा गांधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुम्बई अधिवेशन में शुरू किया गया था। यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विश्वविख्यात काकोरी काण्ड के ठीक सत्रह साल बाद 9अगस्त सन 1942 को गांधीजी के आह्वान पर समूचे देश में एक साथ आरम्भ हुआ। यह भारत को तुरन्त आजाद करने के लिये अंग्रेजी शासन के विरुद्ध एक सविनय अवज्ञा आन्दोलन था।

10 अगस्त  को अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस 

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस 

भारत का स्वतंत्रता दिवस (Independence Day of India ),हर वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाता है। सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी। यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है। प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं। 15 अगस्त 1947 के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने, दिल्ली में लाल किले के लाहौरी गेट के ऊपर, भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।[1] महात्मा गाँधी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में लोगों ने काफी हद तक अहिंसक प्रतिरोध और सविनय अवज्ञा आंदोलनों में हिस्सा लिया। स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश भारत को धार्मिक आधार पर विभाजित किया गया, जिसमें भारत और पाकिस्तान का उदय हुआ। विभाजन के बाद दोनों देशों में हिंसक दंगे भड़क गए और सांप्रदायिक हिंसा की अनेक घटनाएं हुईं। विभाजन के कारण मनुष्य जाति के इतिहास में इतनी ज्यादा संख्या में लोगों का विस्थापन कभी नहीं हुआ। यह संख्या तकरीबन 1.45 करोड़ थी। भारत की जनगणना 1951 के अनुसार विभाजन के एकदम बाद 72,26,000 मुसलमान भारत छोड़कर पाकिस्तान गये और 72,49,000 हिन्दू और सिख पाकिस्तान छोड़कर भारत आए।

इस दिन को झंडा फहराने के समारोह, परेड और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। भारतीय इस दिन अपनी पोशाक, सामान, घरों और वाहनों पर राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर इस उत्सव को मनाते हैं और परिवार व दोस्तों के साथ देशभक्ति फिल्में देखते हैं, देशभक्ति के गीत सुनते हैं।

29 अगस्त अन्तर्राष्ट्रीय खेल दिवस 

 राष्ट्रीय खेल दिवस है, जो हर साल 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के दिन मनाया जाता है. ध्यानचंद ने भारत को ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलवाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी को पहचान दिलाई. उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उनके जन्मदिन 29 अगस्त को हर वर्ष भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है.

हॉकी के जादूगर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद के राजपूत घराने में हुआ. ध्यानचंद को फुटबॉल में पेले और क्रिकेट में ब्रैडमैन के बराबर माना जाता है.
ध्यानचंद शुरुआती शिक्षा के बाद 16 साल की उम्र में साधारण सिपाही के तौर पर भर्ती हो गए. जब ‘फर्स्ट ब्राह्मण रेजीमेंट’ में भर्ती हुए उस समय तक उनके मन में हॉकी के प्रति कोई विशेष दिलचस्पी या रुचि नहीं थी. ध्यानचंद को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित करने का श्रेय रेजीमेंट के एक सूबेदार मेजर तिवारी को है.
ध्यानचंद ने तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और तीनों बार देश को स्वर्ण पदक दिलाया. भारत ने 1932 में 37 मैच में 338 गोल किए, जिसमें 133 गोल ध्यानचंद ने किए थे. दूसरे विश्व युद्ध से पहले ध्यानचंद ने 1928 (एम्सटर्डम), 1932 (लॉस एंजिल्स) और 1936 (बर्लिन) में लगातार तीन ओलंपिक में भारत को हॉकी में गोल्ड मेडल दिलाए.
हॉलैंड में एक मैच के दौरान हॉकी में चुंबक होने की आशंका में उनकी स्टिक तोड़कर देखी गई. जापान में एक मैच के दौरान उनकी स्टिक में गोंद लगे होने की बात भी कही गई. ध्यानचंद ने हॉकी में जो कीर्तिमान बनाए, उन तक आज भी कोई खिलाड़ी नहीं पहुंच सका है. उन्हें 1956 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया |

सितम्बर 

5 सितम्बर को  शिक्षक दिवस 

जीवन में सफल होने के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरुरी है. शिक्षक देश के भविष्य और युवाओं के जीवन को बनाने और उसे आकार देने के लिये सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प्राचीन काल से ही गुरुओं का हमारे जीवन में बड़ा योगदान रहा है. गुरुओं से प्राप्त ज्ञान और मार्गदर्शन से ही हम सफलता के शिखर तक पहुंच सकते हैं. शिक्षक दिवस पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि शिक्षक दिवस 5 सितम्बर को हिन् क्यों मनाया जाता है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर उनकी स्मृति में सम्पूर्ण भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) मनाया जाता है. वह एक महान शिक्षक होने के साथ-साथ स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपती तथा दूसरे राष्ट्रपति थे. गुरु का हर एक के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है और इसलिए कहा गया है कि:

सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक और शिक्षक थे और शिक्षा में उनका काफी लगाव था, इसलिए सम्पूर्ण भारत में सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अच्चा करने वाले छात्रों को पुरस्कार दिया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि गुरु अर्थार्त शिक्षक के बिना सही रास्तों पर नहीं चला जा सकता है. वह मार्गदर्शन करते है. तभी तो शिक्षक छात्रों को अपने नियमों में बांधकर अच्चा इंसान बनाते हैं और सही मार्ग प्रशस्त करते रहते है. इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि जन्म दाता से बढकर महत्व शिक्षक का होता है क्योंकि ज्ञान ही इंसान को व्यक्ति बनाता है, जीने योग्य जीवन देता हैं

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Author: admin