शिक्षा विभाग 70 फीसदी सिलेबस के आधार पर होंगी परीक्षाएं

 

कोरोना महामारी में बंद चल रहे स्कूलों के कारण प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं से बारहवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं 70 फीसदी सिलेबस के आधार पर ली जाएंगी। सीबीएसई की तर्ज पर हिमाचल सरकार ने वार्षिक परीक्षाओं के लिए तीस फीसदी सिलेबस कम तो कर दिया, लेकिन इस तीस फीसदी सिलेबस को पढ़ाया जाएगा।

इस सिलेबस की परीक्षाएं शिक्षक अपने स्तर पर लेंगे। परीक्षाओं के लिए घटाए गए तीस फीसदी सिलेबस की विस्तृत जानकारी आने वाले दिनों में स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला जारी करेगा। प्रश्नपत्रों में तीस फीसदी वैकल्पिक प्रश्न भी दिए जाएंगे। सभी कक्षाओं की परीक्षाएं मार्च में ली जाएंगी। फरवरी में होने वाले विभिन्न कक्षाओं के प्रैक्टिकल अप्रैल में होंगे।

बुधवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा बोर्ड, जिला उप निदेशकों, कई स्कूलों के प्रिंसिपलों और विषय विशेषज्ञों सहित कुल 315 लोगों के साथ वर्चुअल बैठक हुई। इसमें आम सहमति से फैसला लिया कि वार्षिक परीक्षाएं 70 फीसदी सिलेबस से ही ली जाएं। तीस फीसदी वैकल्पिक सवाल भी प्रश्नपत्र में बढ़ाए जाएं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी स्कूलों में अब मार्च में ही परीक्षाएं होंगी। शीतकालीन स्कूलों में होने वाली दिसंबर की परीक्षाएं भी मार्च में ली जाएंगी।
हिमाचल के शीतकालीन छुट्टियों वाले सरकारी स्कूलों में साल 2021 में सर्दियों की छुट्टियां नहीं होंगी। कोरोना संकट के चलते शैक्षणिक सत्र 2020-21 के कोटे की सभी छुट्टियां समाप्त हो चुकी हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने जनवरी और फरवरी में भी पढ़ाई जारी रखने का फैसला लिया है। बुधवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई शिक्षा विभाग की बैठक में शैक्षणिक दिवस बढ़ाने का फैसला लिया गया।

  • 30 फीसदी घटाया जाएगा पहली से बारहवीं कक्षा का सिलेबस
  • शीतकालीन स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियां नहीं होगी
  • दूसरे शनिवार की छुट्टी भी नहीं होगी
  • मार्च महीने में होंगी वार्षिक परीक्षाएं
  • फरवरी में होने वाले प्रैक्टिकल अप्रैल में लिए जाएंगे
  • राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस रद्द, अब 5 अक्टूबर को होगा आयोजन

शिक्षा मंत्री ने बताया कि करीब 60 दिन की छुट्टियां स्कूूलों में कोरोना संकट के चलते अधिक दे दी गई हैं। ऐसे में पढ़ाई को सुचारुरखने के लिए सर्दियों की छुट्टियां नहीं होंगी। स्कूल खुलने पर हर माह के दूसरे शनिवार को होने वाली छुट्टी भी नहीं दी जाएगी। इस बाबत जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।

यह भी फैसला लिया कि अगर कोरोना संकट हटता है तो अगले साल जनवरी और फरवरी में भी स्कूल खुलेंगे। अगर कोरोना के चलते स्कूल नहीं खुले तो ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। बर्फबारी वाले जिलों में अगर स्कूल खोलना मुमकिन नहीं हुआ तो वहां ऑनलाइन पढ़ाई होगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में भी जनवरी में दस दिनों की छुट्टियां नहीं मिलेंगी।

21 सितंबर से स्कूलों में आएंगे शिक्षक-गैर शिक्षक
हिमाचल सरकार ने 21 सितंबर से 50 फीसदी शिक्षकों और गैर शिक्षकों को स्कूल बुलाने का फैसला लिया है। एक दिन छोड़ पचास-पचास फीसदी स्टाफ स्कूलों में बुलाया जाएगा। इस दौरान नवीं से जमा दो के विद्यार्थी शिक्षकों से गाइडेंस लेने आना चाहते हैं तो उन्हें अभिभावकों के सहमति पत्र पर स्कूल आने दिया जाएगा। सात सितंबर से नवीं से जमा दो कक्षा की फर्स्ट टर्म परीक्षाओं को लेकर भी बैठक के दौरान चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों पर बिना किसी दवाब बनाए परीक्षाएं लेने के निर्देश दिए।

राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह रद्द, अब समारोह पांच अक्तूबर को
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के चलते पांच सितंबर को प्रस्तावित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह रद्द कर दिया गया है। शिमला स्थित राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में पुरस्कार वितरण समारोह होना था। छह सितंबर तक देश में घोषित राष्ट्रीय शोक के चलते सरकार ने शिक्षक दिवस समारोह अब 5 अक्तूबर को करवाने का फैसला लिया है। इस दिन विश्व शिक्षक दिवस होता है। इसकी जानकारी शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने दी।
केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद होगा स्कूल खोलने का फैसला
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने बताया हिमाचल में स्कूलों को खोलने का फैसला केंद्र सरकार से जारी होने वाली गाइडलाइन के बाद ही लिया जाएगा।  केंद्र सरकार ने तीस सितंबर तक स्कूलों को बंद रखने को कहा है। स्कूल कब से खुलेंगे, इसे लेकर केंद्र की गाइडलाइन के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

एसएमसी शिक्षकों को लेकर ली जा रही कानूनी राय
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नियुक्त एसएमसी शिक्षकों की नौकरी बचाने के लिए कानूनी राय ली जा रही है। हाईकोर्ट से आए शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने के फैसले को स्टडी किया जा रहा है। जल्द ही प्रदेश सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस संदर्भ में आगामी कार्रवाई शुरू करेगी।

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Author: admin

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