142 वर्षों के बाद वाहनों के भार से मुक्त होगा ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल…

142 वर्षों के बाद वाहनों के भार से मुक्त होगा ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल

142 वर्षों के बाद वाहनों के भार से मुक्त होगा ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल…उदघाटन के लिए CM का इंतजार

मंडी : 142 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शहर का ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल वाहनों के भार से मुक्त होने जा रहा है। विक्टोरिया पुल के साथ 25 करोड़ की लागत से नया पुल बनकर तैयार हो गया है। इस पुल के उदघाटन के लिए सीएम का इंतजार किया जा रहा है। राजाओं के राज और अंग्रेजी हकूमत में निर्माण कार्यों को कितनी निष्ठा के साथ किया जाता था, इसका जीता जागता उदाहरण शहर की वो प्राचीन इमारतें हैं जो आज भी उसी शान-ओ-शौकत के साथ खड़ी हैं जैसी अपने निर्माण के वक्त थी।

142 वर्षों के बाद वाहनों के भार से मुक्त होगा ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल

इन्हीं में से एक है 142 वर्ष पुराना विक्टोरिया पुल। 1877 में मंडी रियासत के तत्कालीन राजा विजय सेन ने ईनाम में जीती कार को शहर तक पहुंचाने के

लिए अंग्रेजी हकूमत से ब्यास नदी पर पुल का निर्माण करवाया था। अंग्रेजों ने एक लाख की लागत में इंग्लैंड में बने विक्टोरिया पुल की तरह यहां पर भी पुल का निर्माण किया और इसे भी विक्टोरिया पुल का ही नाम दिया गया। हालांकि इसे ’’पुल केसरी’’ के नाम से भी जाना जाता है।

1877 में बना यह पुल आज 142 साल का हो चुका है। जब भ्यूली में पुल नहीं था तो पठानकोट से कुल्लू-मनाली के लिए जाने वाले सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहन इसी पुल से होकर जाते थे। बाद में भ्यूली पुल बना तो यहां से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। शहर के लिए जाने वाले छोटे वाहनों को यहां से जाने की अनुमति दी गई। 142 वर्षों तक सभी प्रकार के वाहनों का भार ढोने के बाद अब इस पुल को वाहनों के भार से मुक्ति मिलने जा रही है। पूर्व मंत्री और सदर के विधायक अनिल शर्मा ने जब विक्टोरिया पुल के साथ नए पुल की जरूरत को महसूस किया तो उन्होंने नए पुल के निर्माण को विधायक प्राथमिकता में शामिल किया।

142 वर्षों के बाद वाहनों के भार से मुक्त होगा ऐतिहासिक विक्टोरिया पुलवर्ष 2015 में उन्होंने तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह इसका शिलान्यास और 18 करोड़ के बजट का प्रावधान भी करवाया। नवंबर 2016 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ। तीन वर्षों के बाद नया पुल बनकर तैयार हो गया है। पुल का निर्माण सुंदरनगर के क्लास वन कांट्रेक्टर अजय शर्मा ने किया है। अब तक इस पुल के सारे निर्माण पर 25 करोड़ की राशि खर्च हो चुकी है। विधायक अनिल शर्मा ने पुल बनने पर प्रसन्नता जताई और इसे शहर वासियों के लिए एक बड़ी सौगात बताया है। उन्होंने कहा कि पुल के बनने से पुरानी मंडी और खलियार सहित शहर के लोगों को भी बेहतर सुविधा मिल पाएगी। वहीं लोक निर्माण विभाग ने पुल के उदघाटन के लिए सीएम जयराम ठाकुर से समय मांगा है।

बताया जा रहा है कि इस महीने के अंतिम सप्ताह या अगले महीने के पहले सप्ताह में सीएम पुल का विधिवत रूप से उदघाटन कर देंगे। लोक निर्माण विभाग डिविजन नंबर 2 के अधिशाषी अभियंता केके शर्मा ने बताया कि पुल बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। उन्होंने बताया कि नए पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू होने के बाद ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल को यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। इस पुल को सिर्फ पैदल चलने वालों के लिए रखा जाएगा। समय-समय पर इसकी उचित मुरम्मत और देखरेख भी की जाएगी।

एक तरफ जहां नया पुल विक्टोरिया पुल को वाहनों के भार से मुक्ति दिलाएगा, वहीं यह दिनों दिन बढ़ती ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने में भी अहम कड़ी साबित होगा। क्योंकि इस पुल के बन जाने के बाद अब शहर के बाईपास के निर्माण की संभावनाएं भी प्रबल होने जा रही हैं।

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Mandi: After 142 years of long wait, the city’s historic Victoria Bridge is going to be free of vehicles. A new bridge has been completed with Victoria Bridge at a cost of 25 crores. CM is waiting for the inauguration of this bridge. A living example of how faithfully the construction works were done in the rule of the kings and in the British rule are the ancient buildings of the city which still stand with the same pride and glory as it was during its construction.

One of them is the 142 year old Victoria Bridge. In 1877, the then Raja Vijay Sen of the Mandi princely state took the prize car to reach the city

For example, the British had built a bridge over the Beas River. The British built the bridge here, like the Victoria Bridge built in England at a cost of one lakh and it was also named as the Victoria Bridge. However it is also known as “Pul Kesari”.

This bridge, built in 1877, is now 142 years old. When there was no bridge in Bhuli, all kinds of small and big vehicles going from Pathankot to Kullu-Manali used to go through this bridge. Later, Bhuli Bridge was built, then the movement of big vehicles from here was stopped. Small vehicles heading for the city were allowed to leave here. After carrying all types of vehicles for 142 years, now this bridge is going to get rid of the load of vehicles. When former minister and Sadar MLA Anil Sharma realized the need for a new bridge along the Victoria Bridge, he included the construction of the new bridge as an MLA priority.

In the year 2015, he also made the foundation stone of the then CM Virbhadra Singh and provision of budget of 18 crores. Construction of the bridge started in November 2016. The new bridge is ready after three years. The bridge has been constructed by Ajay Sharma, a class one contractor from Sundernagar. So far, 25 crore has been spent on the entire construction of this bridge. MLA Anil Sharma expressed happiness over the bridge being built and described it as a big gift for the residents. He said that the construction of the bridge will also provide better facilities to the people of the city including Old Mandi and Khaliar. The Public Works Department has also sought time from CM Jairam Thakur for the inauguration of the bridge.

It is being told that CM will duly inaugurate the bridge in the last week of this month or in the first week of next month. KK Sharma, Executive Engineer, Public Works Department Division No. 2, said that the bridge has been fully constructed. He said that the historic Victoria Bridge would be completely closed for traffic once the movement of vehicles from the new bridge began. This bridge will be kept for pedestrians only. It will also be properly repaired and maintained from time to time.

On one hand, while the new bridge will liberate the Victoria Bridge from the load of vehicles, it will also prove to be an important link in getting rid of the increasing traffic problem day by day. Because after the construction of this bridge, now the possibilities of construction of the city bypass are also going to be strong.

 

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Author: admin